Selected Quotes
Poetry & Stories
बिखर गया है जो मोती पिरोने वाला था - जमाल एहसानी
बिखर गया है जो मोती पिरोने वाला थावो हो रहा है यहाँ जो न होने वाला था
एक फ़क़ीर चला जाता है पक्की सड़क पर गाँव की - जमाल एहसानी
एक फ़क़ीर चला जाता है पक्की सड़क पर गाँव कीआगे राह का सन्नाटा है पीछे गूँज खड़ाऊँ की
होने की गवाही के लिए ख़ाक बहुत है - जमाल एहसानी
होने की गवाही के लिए ख़ाक बहुत हैयो कुछ भी नहीं होने का इदराक बहुत है
इश्क़ में ख़ुद से मोहब्बत नहीं की जा सकती - जमाल एहसानी
इश्क़ में ख़ुद से मोहब्बत नहीं की जा सकतीपर किसी को ये नसीहत नहीं की जा सकती
जो तू गया था तो तेरा ख़याल रह जाता - जमाल एहसानी
जो तू गया था तो तेरा ख़याल रह जाताहमारो कोई तो पुर्सान-ए-हाल रह जाता
जमाल एहसानी: Quick Answers
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Kavishala has 8 poems and stories and 50 couplets (sher) by जमाल एहसानी, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by जमाल एहसानी
बिखर गया है जो मोती पिरोने वाला था - जमाल एहसानी
बिखर गया है जो मोती पिरोने वाला थावो हो रहा है यहाँ जो न होने वाला था
एक फ़क़ीर चला जाता है पक्की सड़क पर गाँव की - जमाल एहसानी
एक फ़क़ीर चला जाता है पक्की सड़क पर गाँव कीआगे राह का सन्नाटा है पीछे गूँज खड़ाऊँ की
होने की गवाही के लिए ख़ाक बहुत है - जमाल एहसानी
होने की गवाही के लिए ख़ाक बहुत हैयो कुछ भी नहीं होने का इदराक बहुत है
इश्क़ में ख़ुद से मोहब्बत नहीं की जा सकती - जमाल एहसानी
इश्क़ में ख़ुद से मोहब्बत नहीं की जा सकतीपर किसी को ये नसीहत नहीं की जा सकती
जो तू गया था तो तेरा ख़याल रह जाता - जमाल एहसानी
जो तू गया था तो तेरा ख़याल रह जाताहमारो कोई तो पुर्सान-ए-हाल रह जाता
कब पाँव फ़िगार नहीं होते कब सर में धूल नहीं होती - जमाल एहसानी
कब पाँव फ़िगार नहीं होते कब सर में धूल नहीं होतीतिरी राह पे चलने वालों से लेकिन कभी भूल नहीं होती
उम्र गुज़री जिस का रस्ता देखते - जमाल एहसानी
उम्र गुज़री जिस का रस्ता देखतेआ भी जाता वो तो हम क्या देखते
ज़रा सी बात पे दिल से बिगाड़ आया हूँ - जमाल एहसानी
ज़रा सी बात पे दिल से बिगाड़ आया हूँबना बनाया हुआ घर उजाड़ आया हूँ
Selected Quotes by जमाल एहसानी (चुनिंदा उद्धरण)
याद रखना ही मोहब्बत में नहीं है सब कुछ भूल जाना भी बड़ी बात हुआ करती हैउस ने बारिश में भी खिड़की खोल के देखा नहीं भीगने वालों को कल क्या क्या परेशानी हुईतमाम रात नहाया था शहर बारिश में वो रंग उतर ही गए जो उतरने वाले थेक़रार दिल को सदा जिस के नाम से आया वो आया भी तो किसी और काम से आया'जमाल' हर शहर से है प्यारा वो शहर मुझ को जहाँ से देखा था पहली बार आसमान मैं नेये ग़म नहीं है कि हम दोनों एक हो न सके ये रंज है कि कोई दरमियान में भी न थाCouplets (Sher) by जमाल एहसानी
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