हम दोनों के बीच एक हारमोनियम है

हेमंत देवलेकरहेमंत देवलेकर

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हारमोनियम के उस तरफ़

सुरों को अपनी उँगलियों की थापों से

जगाती हुई तुम बैठी हो

और इस तरफ़

तुम्हारे सुरों में नाद भरने

पर्दे से हवा धौंकता हुआ मैं

हारमोनियम—

किलकारियाँ भरता, हाथ-पैर चलाता

एक नया नवेला बच्चा है लगभग छह महीने का

हम दोनों उसे खिलाने में लगे हुए हैं

हम दोनों के बीच एक हारमोनियम है

मेरे तुम्हारे दरम्यान एक बरसाती नदी है

जिसमें राग अनंत लहरें उठाते हैं

हम डूबते हैं उस नदी में

तैरते हैं और गोते लगाते हुए

पकड़ते हैं सतरंगी मछलियों को

हारमोनियम हम दोनों के बीच उस नदी की तरह है

लेकिन क्या तुमने

‘यमन’ की सरगम याद करते हुए

कभी ग़ौर से देखा है हारमोनियम को

क्या वह तुम्हें पुल की तरह दिखाई नहीं देता

जिस पर से दौड़-दौड़कर

हम एक-दूसरे के क़रीब तक पहुँचते हैं

और छुए बिना ही भीग-भीग जाते हैं

हम दोनों के बीच एक हारमोनियम है

उसमें शब्द नहीं हैं तो क्या

वह वही भाषा बोलता है

जो मेरी है, तुम्हारी है

हम दोनों के बीच हारमोनियम एक चरख़े की तरह है

जो बुन रहा है

बहुत महीन और मुलायम धागे

हेमंत देवलेकर
About the poet

हेमंत देवलेकर

इस सदी में सामने आए हिंदी कवि। रंगमंच से भी संबद्ध।

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