चादर

हरि मृदुलहरि मृदुल

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विज्ञापन में दिखी झक सफ़ेद चादर

वाशिंग मशीन से अभी-अभी धुली हुई

थोड़ी देर तक को समझ में न आया

प्रचार किसका

चादर का,

वाशिंग मशीन का,

डिटर्जेंट पाउडर का

कि उस अठारह साल की लड़की का

जो वस्तुओं की फ़ेहरिस्त में अघोषित तौर पर

पूरी तरह थी शामिल

चमक रही थी चादर

बातें कर रही थी वाशिंग मशीन

आधा चम्मच डिटर्जेंट पाउडर के झाग से

भर गया था पूरा टब

किसी जादूगरनी की तरह हँस रही थी

अठारह साल की वह लड़की

दिन में दस बार चमकाई जा रही थी चादर

दस बार ठूँसी जा रही थी आँखों में

वाशिंग मशीन

झाग टी.वी. के परदे से कमरे के फ़र्श पर जैसे

अब फैला

तब फैला

वह लड़की तो आठ साल की मेरी भतीजी के तन में आकर

बस ही गई

मायावी चादर

मायावी मशीन

मायावी लड़की

एक दिन आम हो जाएगी वाशिंग मशीन

कोई बात नहीं करेगा डिटर्जेंट पाउडर की

लड़की बूढ़ी हो जाएगी

मर जाएगा विज्ञापन

चर्चा में रहेगी फिर भी चादर

चादर वही कबीर की

साढ़े पाँच सौ साल पुरानी झीनी झीनी बीनी

हरि मृदुल
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हरि मृदुल

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