चोर

हरि मृदुलहरि मृदुल

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जेबें आपकी हैं

हाथ चोरों के

चोर अपना हुनर दिखा रहे हैं

आप उनकी पीठें थपथपा रहे हैं

जब चोर आपके घर में घुसे

आप खिड़की के बाहर झाँकते हुए

उन्हीं का इंतज़ार कर रहे थे

आपकी आँखों के आगे

उन्होंने जाने क्या चमकाया

आप चकाचौंध

ज़रूरत एक की थी

ख़रीद लिए दस

चाहिए

और चाहिए

और भी चाहिए

आपका घर चीज़ों से

भरा जा रहा है

आपका पर्स पूरी तरह

ख़ाली किया जा रहा है

चोरी का यह नया तरीक़ा

चोरों का चमचमाता मार्केट

ग्लोबल मार्केटिंग

हरि मृदुल
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हरि मृदुल

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