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ठण्डा लोहा - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
अन्धा युग - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
कनुप्रिया - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
सपना अभी भी - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
आद्यन्त - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
धर्मवीर भारती: Quick Answers
When was धर्मवीर भारती born?
धर्मवीर भारती was born on 25 September 1926. Associated place: प्रयाग, उत्तर प्रदेश, भारत.
When did धर्मवीर भारती die?
धर्मवीर भारती passed away on 4 September 1997.
Where can I read धर्मवीर भारती's poetry?
Kavishala has 53 poems and stories by धर्मवीर भारती, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by धर्मवीर भारती
ठण्डा लोहा - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
अन्धा युग - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
कनुप्रिया - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
सपना अभी भी - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
आद्यन्त - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
धर्मयुग पत्रिका
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
देशान्तर - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
ठण्डा लोहा तथा भारती की अन्य कविताएँ - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
कुछ लम्बी कविताएँ - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
मेरी वाणी गैरिक वासना - धर्मवीर भारती
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।
नवम्बर की दोपहर - धर्मवीर भारती
अपने हलके-फुलके उड़ते स्पर्शों से मुझको छू जाती हैजार्जेट के पीले पल्ले-सी यह दोपहर नवम्बर की !
आँगन - धर्मवीर भारती
बरसों के बाद उसी सूने- आँगन मेंजाकर चुपचाप खड़े होना
Selected Quotes by धर्मवीर भारती (चुनिंदा उद्धरण)
है कोई संत राम अनुरागी, जाकी सुरति साहब से लागी।अरस परस पिवके संग राती, होय रही पतिबरता।झुरमुट में दुपहरिया कुम्हलाईखोतों पर अँधियारी छाईआँजुरी भर धूप-सामुझे पी लो!इस डगर पर मोह सारे तोड़ले चुका कितने अपरिचित मोड़लादकर ये आज किसका शव चले?और इस छतनार बरगद के तले,घाट के रस्तेउस बँसवट सेVideos on धर्मवीर भारती
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