सरदी आई

Deendayal SharmaDeendayal Sharma15 Jul 1956

1 min read · 12.6K reads


सरदी आई ठण्डक लाई
ओढ़ें कम्बल और रजाई

कोट स्वेटर टोपी मफ़लर
इन सबकी करते भरपाई..

ठण्डी चीज़ें नहीं सुहाती
गरम-गरम सबके मन भायी..

नहाने से डरते हम बच्चे
लगता जैसे आफ़त आई..

पंखे कूलर बन्द कर दिए
अब हीटर की बारी आई..

गाँवों में सब आग तापते
बैठे-बैठे करें हथाई..

गज्जक मूँगफली लड्डू खा कर
चाय की प्याली खनकाई..

सूरज निकला धूप सुहाई
गली-गली में रौनक छाई...

Deendayal Sharma
About the poet

Deendayal Sharma

जन्म: 15 जुलाई 1956 (प्रमाण पत्र के अनुसार) जन्म स्थान: गांव- जसाना, तहसील- नोहर, जिला- हनुमानगढ़ (राज.) शिक्षा: एम. कॉम . (व्यावसायिक प्रशासन, 1981), पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर 1985) लेखन: हिन्दी व राजस्थानी दोनों भाषाओ…

View profile & all 34 Poems / Stories

More Poetry & Stories You May Like