भालू

Deendayal SharmaDeendayal Sharma15 Jul 1956

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ढोलक बाजे ढम ढम ढम
नाचे भालू जी छम छम

दो पैरों पर खड़ा हो गया
ता-ता थैया ता-तिकड़म

दरख़्त पर चढ़ जाए उल्टा
खा के शहद ही लेता दम

लेट जाए धरती पर लटपट
आए न इसको कभी शरम

घने बाल ज्यों ओढ़ा कम्बल
सरदी का इसको ना ग़म.....

Deendayal Sharma
About the poet

Deendayal Sharma

जन्म: 15 जुलाई 1956 (प्रमाण पत्र के अनुसार) जन्म स्थान: गांव- जसाना, तहसील- नोहर, जिला- हनुमानगढ़ (राज.) शिक्षा: एम. कॉम . (व्यावसायिक प्रशासन, 1981), पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर 1985) लेखन: हिन्दी व राजस्थानी दोनों भाषाओ…

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