हाथ थामना

आशीष यादवआशीष यादव9 Oct 1998

1 min read · 12.4K reads

प्रेम न तो

कल्पित प्रेम कविताओं में रचा जाता है

न ही

सुंदरतम प्रेमपत्रों में लिखा जाता है

सबसे सुंदर प्रेम साहित्य

तब रचा जा रहा होता है,

जब दो लोग

अमावस की गहरी रातों में

किसी शांत झील के किनारे

एक दूसरे का हाथ थामे

टिमटिमाते तारों में

एक दूसरे का चेहरा तलाश रहे होते हैं

प्रेम,

प्रेम-कविता और प्रेम-पत्रों के

शब्दों की जादूगरी से इतर

दो लोगों का हाथ थामना है।

आशीष यादव
About the poet

आशीष यादव

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। मूल नाम : आशीष यादव जन्म : 09/10/1998 | ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश

View profile & all 30 Poems / Stories

More Poetry & Stories You May Like