प्रेम न तो
कल्पित प्रेम कविताओं में रचा जाता है
न ही
सुंदरतम प्रेमपत्रों में लिखा जाता है
सबसे सुंदर प्रेम साहित्य
तब रचा जा रहा होता है,
जब दो लोग
अमावस की गहरी रातों में
किसी शांत झील के किनारे
एक दूसरे का हाथ थामे
टिमटिमाते तारों में
एक दूसरे का चेहरा तलाश रहे होते हैं
प्रेम,
प्रेम-कविता और प्रेम-पत्रों के
शब्दों की जादूगरी से इतर
दो लोगों का हाथ थामना है।








