यह जानते हुए भी कि
टूट कर किए गए प्रेम की
नियति में ही दु:ख लिखा है
मैं तुमसे और टूटकर प्रेम करूँगा
क्योंकि इस संसार में
प्रेम के बाद
सबसे भरोसेमंद साथी
दु:ख ही है।
यह जानते हुए भी कि
टूट कर किए गए प्रेम की
नियति में ही दु:ख लिखा है
मैं तुमसे और टूटकर प्रेम करूँगा
क्योंकि इस संसार में
प्रेम के बाद
सबसे भरोसेमंद साथी
दु:ख ही है।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक। मूल नाम : आशीष यादव जन्म : 09/10/1998 | ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश
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