सवाना घास के मैदानों से

यशस्वी पाठकयशस्वी पाठक

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सवाना घास के मैदानों से

अवध के खेत और खलिहानों तक

केटू गॉडविन से रावलपिंडी

चीनी गाँव की पगडंडी तक

अमरीकी-यूरोपीय क्रांतियों से

उपनिषदों की भ्रांतियों तक

इंडस्ट्रियल रेवल्युशन से

चैट जीपीटी के एवल्यूशन तक

मेसोपोटामिया से हड़प्पा

बोधिसत्त्व से बासवन्ना तक

सत्रीया से बिरहा और राग हिंडोल

कहो मजाज़! राज सिंघासन डावाँडोल?

मुर्ग़ी से मच्छर, मानुष और बंदर तक

अलबरूनी से आल्हा और ऊदल तक

तिर्यक से समतल, क्षोभ से बाह्य मंडल तक

मंदिर, मस्जिद, मंडल और कमंडल तक

कवक, शैवाल से सीपी-मोती-कंचन तक

बाग़-ए-अदन से दैत्य-देव के सागर मंथन तक

‘जय’ और ‘हू’ के नारों वाले पैरानॉर्मल

सागररत्ना फ़िल्टर कॉफ़ी, इडली और साम्भर

कामसूत्र से अजंता और एलोरा तक

स्वर्ग की रात में क़ैद दोज़ख़ का सवेरा तक

टैगा से टुंड्रा तक

नील से लेकर गंगा तक

सब दुःख से भागने वाले

सब सुख के भोगने वाले

जान से प्यारी प्रेयसी भी

प्राण पियारा प्रियतम भी

हिंसक और अहिंसक भी

धर्मी और विधर्मी भी

भूख की रोटी लूटने वाले

दान का पानी बाँटने वाले

एक दिन में सबका दिन होगा

एक रात में सबकी रातें

एक दिन सबमें मिथ्या होगी

एक रात में सब अफ़साने।

यशस्वी पाठक
About the poet

यशस्वी पाठक

नई पीढ़ी की कवि-लेखक।

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