पिता जब निराश होते हैं
तब सिलने बैठते हैं
अपना सिलन खुला कुर्ता
टेढ़े-मेढ़े डोभ लगाते
वह इतना डूब जाते हैं
कुर्ते का घाव भरने में
कि उस समय वह सिल सकते हैं सब कुछ
जहाँ-जहाँ जो कुछ भी कटा-फटा है
जो फटा-कटा नहीं है वह भी
वह रफ़ू कर सकते हैं सारी खोंग
अंदर से लेकर बाहर तक
दर्ज़ी! किस साँसत का सिला है कि वह
कुर्ते की खुली सिलन ही सिल पाते हैं।








