मेरी नाकाम मोहब्बत की कहानी मत छेड़

Sahir LudhianviSahir Ludhianvi8 Mar 1921

2 min read · 14.6K reads

मेरी नाकाम मोहब्बत की कहानी मत छेड़,

अपनी मायूस उमंगों का फ़साना न सुना|


जिन्दगी तल्ख़ सही, जहर सही, सम ही सही,

दर्दो-आजार सही, ज़ब्र सही, गम ही सही|


लेकिन इस दर्दो-गमो-ज़ब्र की वुसअत को तो देख,

जुल्म की छाँव में दम तोड़ती खलकत को तो देख,


अपनी मायूस उमंगों का फ़साना न सुना,

मेरी नाकाम मोहब्बत की कहानी मत छेड़


जलसा-गाहों में ये दहशतज़दा सहमे अम्बोह,

रहगुज़ारों पे फलाकतज़दा लोगो के गिरोह|


भूख और प्यास से पजमुर्दा सियहफाम ज़मीं,

तीरा-ओ-तार मकां मुफलिसों-बीमार मकीं|


नौ-ए-इंसान में ये सरमाया-ओ-मेहनत का तज़ाद,

अम्नो-तहजीब के परचम तले कौमों का फसाद|


हर तरफ आतिशो-आहन का ये सैलाबे-अजीम,

नित नए तर्ज़ पे होती हुई दुनिया तकसीम|


लहलहाते हुए खेतों पे जबानी का समाँ

और दहकान के छप्पर में न बत्ती न धुवां|


ये फलक-बोस मिलें दिलकशीं-सीली बाज़ार,

ये गलाज़त पे झपटते गुए भूखे नादार|


दूर साहिल पे वो शफ्फाक मकानों की कतार,

सरसराते हुए पर्दों में सिमटते गुलज़ार|


दरो-दीवार पे अनवार का सैलाबे-रवां,

जैसे एक शायरे मदहोश के ख़्वाबों का जहां|


ये सभी क्यों है? ये क्या है? मुझे कुछ सोचने दे,

कौन इंसान का खुदा है? मुझे कुछ सोचने दे|


अपनी मायूस उमंगों का फ़साना न सूना|

मेरी नाकाम मोहब्बत की कहानी मत छेड़||

Sahir Ludhianvi
About the poet

Sahir Ludhianvi

Abdul Hayee (8 March 1921 – 25 October 1980), popularly known by his takhallus (pen name) Sahir Ludhianvi, was an Indian poet and film songs lyricist who wrote in the Hindi and Urdu languages. His work influenced Indian cinema, in particular Bollywood film. S…

View profile & all 21 Poems / Stories

More Poetry & Stories You May Like