नाम पर हर्फ़ न आने दीजे

पंडित दया शंकर नसीम लखनवीपंडित दया शंकर नसीम लखनवी

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नाम पर हर्फ़ न आने दीजे

जान अगर जाए तो जाने दीजे

यास की आस न टूटे जिस में

आस को पास न आने दीजे

पारा-ए-दिल न थमा मर्दुम-ए-चश्म

बैठिए मुझ को ऊठाने दीजे

ग़ुस्सा क्या अब तो गया याँ से 'नसीम'

आइए बैठिए जाने दीजे

पंडित दया शंकर नसीम लखनवी
About the poet

पंडित दया शंकर नसीम लखनवी

उपनाम : 'नसीम' मूल नाम : पंडित दया शंकर कोल जन्म : लखनऊ, उत्तर प्रदेश निधन : लखनऊ, उत्तर प्रदेश पंडित दया शंकर नसीम 1811 ई. में लखनऊ में पैदा हुए थे। उनका सम्बंध पंडितों के संभ्रांत और शिक्षित परिवार से था इसलिए उनको भी साहित्य से बेहद दिलचस्पी थी। ज़रूरी शिक्…

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