आजीवन

लाल्टूलाल्टू10 Sept 1957

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एक

फिर मिले
फिर किया वादा
फिर मिलेंगे।

दो

बहुत दूर
इतनी दूरी से नहीं कह सकते
जो कुछ भी कहना चाहिए

होते क़रीब तो कहते वह सब
जो नहीं कहना चाहिए

आजीवन ढूँढ़ते रहेंगे
वह दूरी
सही-सही जिसमें कही जाएँगी बातें।

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