उसे वैसा ही होना चाहिए
जैसा आमतौर पर होता है
एक तरफ़ से टिकने लायक़ सपाट
और दूसरी तरफ़ से क़तई गोल
यह वैसा नहीं है
इसके एक तरफ़ फूल बना है
दूसरी तरफ़ बाघ
एक कोण से फूल आकाश का
सूजा हुआ घुटना लगता है
और दूसरी तरफ़ से
सूखा हुआ समुद्र
ऐसे फूल कहीं नहीं होते
समुद्र की
अतल गहराइयों में भी नहीं
जंगल की नीरवता में
उनकी कल्पना करना
और भी मुश्किल है
बाघ राजा नहीं हैं कहीं का
पर मुद्रा राजसी है
बाघ और फूल किस नियम के
तहत एक साथ हैं
कहना मुश्किल है








