नाराज़

हरे प्रकाश उपाध्यायहरे प्रकाश उपाध्याय

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ना-राज़ में राज़ का निषेध है

फिर भी

आप तो ऐसे नाराज़ होते हो

जैसे राज की कोई बात हो

क्या आप किसी पर नाराज़ होते हुए

कभी सोचते हैं

कि आप उस पर राज नहीं कर रहे?

नाराज़ के आगे कोई ना कर दे

तो नानाराज़ हो जाता है

क्या आपने कभी इस तरह सोचा है

आपने इस तरह नहीं सोचा है तो…

फिर नाराज़ के बारे में आपने क्या सोचा है?

मेरा बच्चा नाराज़ के पहले

हमेशा ‘का’ जोड़ देता है और हँसता रहता है

देर तक…।

हरे प्रकाश उपाध्याय
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हरे प्रकाश उपाध्याय

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