गीतों भरा है आसमान
गीत है हवाओं में!
संताली लड़की के माथे पर बिंदी है
लड़का पीछे चला है क्यों?
खोपा में है लड़की लाल फूल सजाए
तो लड़के ने बाँसुरी बजाई क्यों?
नशीला है आस्मान
नशा है हवाओं में!
जैसे नशा चढ़ता है लड़के की बाँसुरी से
दिल कहता है दोष नहीं है प्यार-व्यार में
चाँद परे हट अब, जा चले जा...
‘अए लड़के तू पीछे आया क्यों?’
‘रास्ता भटक गया हूँ लड़की की खिल-खिल हँसी में
सुनो, कोई ज़ुर्म नहीं है प्यार करने में,
रोशन है आस्मान
रोशनी है हवाओं में!








