‘E pur si muove’ —Galileo
मान लेते हैं आँखें दिखाने पर गैलीलियो ने
लिख दिया, ‘धरती नहीं घूमती’
धरती फिर भी घूम रही है, घूमेगी;
जितनी भी उसे आँखें दिखाओ।
‘E pur si muove’ —Galileo
मान लेते हैं आँखें दिखाने पर गैलीलियो ने
लिख दिया, ‘धरती नहीं घूमती’
धरती फिर भी घूम रही है, घूमेगी;
जितनी भी उसे आँखें दिखाओ।

एक बार धरती की तरफ़ देखोलोगों की तरफ़ देखों एक बार।
कहाँ है उनका ठिकाना? त्रिपुरा, असम, बंगाल,संताल परगना, दक्षिण भारत, मेघालय में
एकराजा आते जाते हैं
कवितातुम कैसी हो?
बोली भिक्षुणी “—सुनों! एक दिन इसी रास्ते गए वहएक बालिका—वेश्या के उनके पैर पर माथा टेकते, उसे