कहाँ जाते हैं?

बीरेंद्र चट्टोपाध्यायबीरेंद्र चट्टोपाध्याय

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रोशनी हवा और पानी

बता सकते हो, कहाँ चले जाते हैं बीच-बीच में

किसी पीर दरगाह पर या वेश्या के दगवाज़े पर?

वे कुंडी खड़काते हैं, कोई जवाब देता है कोई नहीं देता

वो फिर से कुंडी खड़काते हैं, वापस कुंडी खड़काते हैं।

और हम यहाँ एक अँधेरे कमरे में बैठे

हवा के लिए छटपटाते हैं। पानी के लिए खोपड़ी खोदते हैं।

बीरेंद्र चट्टोपाध्याय
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बीरेंद्र चट्टोपाध्याय

बीरेंद्र चट्टोपाध्याय

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