जीवन में
ऐसे कुछ पल आते हैं
खाना-पीना
मौज-मस्ती
घूमना-फिरना
जीवन में
ऐसे कुछ पल आते हैं
अकेली
गुमशुदा
कोई भी चयन नहीं
जीवन में
ऐसे कुछ पल आते हैं
धन-दौलत
नाम-यश
पद-प्रतिष्ठा
सब व्यर्थ है
तुम बिन!
जीवन में
ऐसे कुछ पल आते हैं
खाना-पीना
मौज-मस्ती
घूमना-फिरना
जीवन में
ऐसे कुछ पल आते हैं
अकेली
गुमशुदा
कोई भी चयन नहीं
जीवन में
ऐसे कुछ पल आते हैं
धन-दौलत
नाम-यश
पद-प्रतिष्ठा
सब व्यर्थ है
तुम बिन!

नई पीढ़ी की सुपरिचित-सम्मानित बांग्ला कवि-गद्यकार-अनुवादक। बारह से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी में भी कविताएँ लिखती हैं।
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