गोरखवाणी

बद्री नारायणबद्री नारायण5 Oct 1965

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अन्न को भूख लगती है

पानी को प्यास

भाव को भी भावनाओं की ज़रूरत होती है

फलों को भी स्वाद चाहिए

अग्नि को भी आग

बहते हुए नीर को भी

नीर का आवेग चाहिए

बारिश को भी चाहिए उसे भिगोने वाला पानी

कंबल को भी गर्मी चाहिए

स्रष्टा को भी सार चाहिए

स्रष्टा को भी भाव

ज्ञान को भी सबद चाहिए

मुझे भी कुछ चाहिए

पर क्या चाहिए

यह न मुझे पता है

और न औरों को

बद्री नारायण
About the poet

बद्री नारायण

सुपरिचित कवि-विचारक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित। मूल नाम : बद्री नारायण जन्म : 05/10/1965

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