बेवजह होने वाली घटनाओं की वजह
बेहद गहरी और अवर्णनीय होती है
जैसे इस पृथ्वी ग्रह के बंधन तोड़कर
दृढ़ता से जुड़ा हुआ
हम दोनों का पारलौकिक संबंध
मेरे स्त्रीत्व का आयाम देखो
मुझे तुम्हारी प्रेमिका नहीं
बल्कि उपासिका बनकर रहना था
निश्चित तौर पर
प्रकृति ने हमारे संबंध का लेखा
किसी विस्मृत भाषा में
पहाड़ों और जंगलों में अंकित किया हुआ है
ये आकर्षक है लेकिन बंधनकारी नहीं
तुम्हारी वज्र-सी फुर्तीली
और प्रखर आवाज़ सुनकर
मैं ऐसे ध्यानस्थ हो जाती हूँ
जैसे कोई भिक्षुणी शून्य में चली जाए
और वह क्षण जब तुम मेरे सामने होते हो
किसी बौद्ध मठ की चौखट
चूमने के सामान होता है
वस्तुतः कई बार
आवश्यकता नहीं रह जाती कि तुम सामने रहो
इतना सघन प्रेम कि
तुम्हारी भौतिक उपस्थिति से अधिक सजीव
तुमको देख लेती हूँ
और मेरी इंद्रियाँ प्रतिक्रिया देने लग जाती हैं
ऐसे जादू केवल प्रेम में पैदा होते हैं
और मुझे इनकी सिद्धि प्राप्त है
जीवन का उत्सव है वह स्तुति
जिसमें देवता का ध्यान भी न रहे
और उसके नामों का अजपा जाप
साँसों पर चलता रहे
प्रतिक्षण, प्रतिपल








