किसी भूखे व्यक्ति के लिए
भूख सबसे बड़ा दुख है
किसी प्रेमी के लिए
उसके प्रेम का न मिल पाना
सबसे बड़ा दुख है
किसी संपन्न व्यक्ति के लिए
किसी को अपनी बात न मनवा पाना
अपनी इच्छाओं को उस पर न थोप पाना
सबसे बड़ा दुख है
किसी माँ के लिए
उसकी संतान का मर जाना
सबसे बड़ा दुख है
किसी बाप के लिए
अपनी संतान द्वारा बहिष्कृत कर दिया जाना
सबसे बड़ा दुख है
दुख पानी की तरह है
जिसका कोई निश्चित आकार नहीं होता
जिस भी पात्र में वह जाता है
उस-सा ही हो जाता है।








