बहुत बोलने वाली लड़कियाँ

आदित्य रहबरआदित्य रहबर

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बहुत बोलने वाली लड़कियाँ

काँटा होती हैं

जो चुभती रहती हैं

सभ्य समाज की आँखों में

एक उम्र के बाद चुप रहने लगती हैं

वे लड़कियाँ

और एक समय के बाद,

बना दी जाती हैं

किसी चूल्हे की जलावन।

आदित्य रहबर
About the poet

आदित्य रहबर

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

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