प्रेम

आदित्य रहबरआदित्य रहबर

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कितना अजीब है—

यह जानते हुए भी किसी के प्रेम में होना

कि हम कभी नहीं मिलेंगे।

इससे भी अजीब है

यह जानते हुए

प्रेम में नहीं होना।

आदित्य रहबर
About the poet

आदित्य रहबर

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

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