उनका हो जाता हूँ

त्रिलोचनत्रिलोचन20 Sept 1917 – 9 Sept 2007

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चोट जभी लगती है

तभी हँस देता हूँ

देखने वालों की आँखें

उस हालत में

देखा ही करती हैं

आँसू नहीं लाती हैं

और

जब पीड़ा भर जाती है

बेहिसाब

तब

जाने-अनजाने लोगों में

जाता हूँ

उनका हो जाता हूँ

हँसता हँसाता हूँ

त्रिलोचन
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त्रिलोचन

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