नज़ीर अकबराबादी, poet
Sootradhar · Author

नज़ीर अकबराबादी

नज़ीर अकबराबादी

आगरा, उत्तर प्रदेश, भारत

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Selected Quotes

जुदा किसी से किसी का ग़रज़ हबीब न हो ये दाग़ वो है कि दुश्मन को भी नसीब न हो
— नज़ीर अकबराबादी
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था इरादा तिरी फ़रियाद करें हाकिम से वो भी एे शोख़ तिरा चाहने वाला निकला
— नज़ीर अकबराबादी
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Poetry & Stories

  1. नज़ीर ग्रन्थावली - नज़ीर अकबराबादी

    सिवादे-शामे-ग़म[1] से रूह थर्राती है क़ालिब[2] में।नहीं मालूम क्या होगा, जो इस शब की सहर होगी॥

    2 min read · 12.4K reads
  2. नज़ीर ग्रन्थावली-2 - नज़ीर अकबराबादी

    सिवादे-शामे-ग़म[1] से रूह थर्राती है क़ालिब[2] में।नहीं मालूम क्या होगा, जो इस शब की सहर होगी॥

    2 min read · 12.4K reads
  3. शहरे आशोब - भाग १ - नज़ीर अकबराबादी

    है अब तो कुछ सुख़न२ का मेरे कारोबार बंद ।रहती है तबअ३ सोच में लैलो निहार४ बंद ।

    24 min read · 12.4K reads
  4. शहरे आशोब - भाग २ - नज़ीर अकबराबादी

    कोई पुकारता है पड़ा ‘भेज’ या ‘ख़ुदा’ ।अब तो हमारा काम थका भेज या ख़ुदा ।

    22 min read · 12.4K reads
  5. समधिन - नज़ीर अकबराबादी

    सराप[1] हुस्ने-समधिन गोया गुलशन की क्यारी हैपरी भी अब तो बाज़ी हुस्न में समधिन से हारी है

    4 min read · 12.4K reads

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