कविता में अर्थ

लवली गोस्वामीलवली गोस्वामी

1 min read · 12.4K reads

एक दिन मुझे एक अदम्य जिज्ञासु

तार्किक आदमी मिला

वह हर बीज को फोड़कर देख रहा था

कि उसके अंदर क्या है?

मैं उसे अंत तक समझा नहीं पाई

कि बीज के अंदर पेड़ होते हैं।

लवली गोस्वामी
About the poet

लवली गोस्वामी

नई पीढ़ी की कवयित्री। ‘प्राचीन भारत में मातृसत्ता और यौनिकता’ शीर्षक पुस्तक उल्लेखनीय। जन्म : धनबाद, झारखंड लवली गोस्वामी का जन्म 5 जनवरी 1987 को हुआ। वह मूलतः दर्शन और मिथक शास्त्र की स्वतंत्र टिप्पणीकार एवं कवयित्री हैं। कुछ वर्ष पूर्व प्रकाशित उनकी पुस्तक '…

View profile & all 24 Poems / Stories

More Poetry & Stories You May Like