Selected Quotes
Poetry & Stories
अम्बिन तैं अम्बर तैं - किशोर
अम्बिन तैं अम्बर तैं, द्रुमनि दिगम्बर तैंअपर अडंबर तैं, सखि सरसो परै।
यह सौति सवादिन जा दिन तें - किशोर
यह सौति सवादिन जा दिन तें, मुख सों मुख लायो हियो रसुरी।निस द्यौस रहै न धरी सुघरी, सुनि कानन कान्हर की जसुरी॥
चहुं ओरन ज्योति जगावै - किशोर
चहुं ओरन ज्योति जगावै, किसोर, जगी प्रभा जीवन-जूटी परै।तेहिं तें झरि मानों अंगार अनी, अपनी घनी इंदुट-बधूटी परै॥
फूलन दै अबै टेसू कदम्बन - किशोर
फूलन दै अबै टेसू कदम्बन, अम्बन बौरन छावन दै री।री मधुमत्त मधूकन पुंजन, कुंजन सोर मचावत दै री॥
किशोर: Quick Answers
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Kavishala has 4 poems and stories by किशोर, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by किशोर
अम्बिन तैं अम्बर तैं - किशोर
अम्बिन तैं अम्बर तैं, द्रुमनि दिगम्बर तैंअपर अडंबर तैं, सखि सरसो परै।
यह सौति सवादिन जा दिन तें - किशोर
यह सौति सवादिन जा दिन तें, मुख सों मुख लायो हियो रसुरी।निस द्यौस रहै न धरी सुघरी, सुनि कानन कान्हर की जसुरी॥
चहुं ओरन ज्योति जगावै - किशोर
चहुं ओरन ज्योति जगावै, किसोर, जगी प्रभा जीवन-जूटी परै।तेहिं तें झरि मानों अंगार अनी, अपनी घनी इंदुट-बधूटी परै॥
फूलन दै अबै टेसू कदम्बन - किशोर
फूलन दै अबै टेसू कदम्बन, अम्बन बौरन छावन दै री।री मधुमत्त मधूकन पुंजन, कुंजन सोर मचावत दै री॥
Selected Quotes by किशोर (चुनिंदा उद्धरण)
अम्बिन तैं अम्बर तैं, द्रुमनि दिगम्बर तैंअपर अडंबर तैं, सखि सरसो परै।यह सौति सवादिन जा दिन तें, मुख सों मुख लायो हियो रसुरी।निस द्यौस रहै न धरी सुघरी, सुनि कानन कान्हर की जसुरी॥चहुं ओरन ज्योति जगावै, किसोर, जगी प्रभा जीवन-जूटी परै।तेहिं तें झरि मानों अंगार अनी, अपनी घनी इंदुट-बधूटी परै॥फूलन दै अबै टेसू कदम्बन, अम्बन बौरन छावन दै री।री मधुमत्त मधूकन पुंजन, कुंजन सोर मचावत दै री॥Videos on किशोर
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