कालीदास, poet
Sootradhar · Author

कालीदास

कालीदास

nan

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Selected Quotes

नबूद ओ बूद के मंज़र बनाता रहता हूँमैं ज़र्द आग में ख़ुद को जलाता रहता हूँ
— कालीदास
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रति रैन विषै जे रहे हैँ पति सनमुख,तिन्हैँ बकसीस बकसी है मैँ बिहँसि कै।
— कालीदास
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Couplets by Pratap Somvanshiअपने भीतर है जो इंसान बचाकर रखनाअपनी मिट्टी की ये पहचान बचाकर रखना— प्रताप सोमवंशीमुनव्वर राना के शेरअब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करोतुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो— मुनव्वर रानाअच्छी से अच्छी आब-ओ-हवा के बग़ैर भीअच्छी से अच्छी आब-ओ-हवा के बग़ैर भीज़िंदा हैं कितने लोग दवा के बग़ैर भी— मुनव्वर रानामेरे गाँव के कुत्तेएकदुआर पर बैठे नंगे बच्चे से— ऐश्वर्य राजआओ मिलकर बद्दुआ करेंदुनिया का कोई क़ानून बद्दुआओं के लिए किसी को रोक नहीं सकता।इसलिए आओ सब मिल कर बद्दुआ करें कि— फ़रीद ख़ाँनज़्र-ए-योगेश प्रवीन नज़्र-ए-लखनऊलखनऊ मेरे वतन! ये तुझको आख़िर क्या हुआतेरा चेहरा दिख रहा है दर्द में डूबा हुआ— हिमांशु बाजपेयी