हरजीत अर्नेस्ट, poet
Sootradhar · Author

हरजीत अर्नेस्ट

हरजीत अर्नेस्ट

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Selected Quotes

रुक जाते हैंनहीं कहते हैं
— हरजीत अर्नेस्ट
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कुछ खिलौने हैंटूटे हैं
— हरजीत अर्नेस्ट
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ये दरवेशों की बस्ती है यहाँ ऐसा नहीं होगाये दरवेशों की बस्ती है यहाँ ऐसा नहीं होगालिबास-ए-ज़िंदगी फट जाएगा मैला नहीं होगा— मुनव्वर रानाचले मक़्तल की जानिब और छाती खोल दी हम नेचले मक़्तल की जानिब और छाती खोल दी हम नेबढ़ाने पर पतंग आए तो चर्ख़ी खोल दी हम ने— मुनव्वर रानाकुछ नहीं चाहने वाली लड़कीसोलह की यह लड़की दो-तीन साल पहले तकपेड़-पौधों पर रखती थी पाँव— ऐश्वर्य राजआंबेडकर“तुम्हारे दीन मुखों को देखकरकरुणा भरे स्वरों को सुनकर— बी. गोपाल रेड्डीमेरा और मेरी पृथ्वी का(लंबी कविता के कुछ अंश)वैसा ही हूँ, दुख मेरी गोद का बच्चा, बार-बार— हीरेन भट्टाचार्यतालाब-1मैं क्षिति तल परतुम्हारे सुख-दुख का— ब्रजरतन जोशी