अब सो जाओ - फ़हमीदा रियाज़

फ़हमीदा रियाज़फ़हमीदा रियाज़28 Sept 1946 – 21 Sept 2018

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अब सो जाओ
और अपने हाथ को मेरे हाथ में रहने दो

तुम चाँद से माथे वाले हो
और अच्छी क़िस्मत रखते हो
बच्चे की सौ भोली सूरत
अब तक ज़िद करने की आदत
कुछ खोई-खोई-सी बातें
कुछ सीने में चुभती यादें
अब इन्हें भुला दो सो जाओ
और अपने हाथ को मेरे हाथ में रहने दो

सो जाओ तुम शहज़ादे हो
और कितने ढेरों प्यारे हो
अच्छा तो कोई और भी थी
अच्छा फिर बात कहाँ निकली
कुछ और भी यादें बचपन की
कुछ अपने घर के आँगन की
सब बतला दो फिर सो जाओ
और अपने हाथ को मेरे हाथ में रहने दो

ये ठण्डी साँस हवाओं की
ये झिलमिल करती ख़ामोशी
ये ढलती रात सितारों की
बीते न कभी तुम सो जाओ
और अपने हाथ को मेरे हाथ में रहने दो
फ़हमीदा रियाज़
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फ़हमीदा रियाज़

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