- फ़हमीदा रियाज़

फ़हमीदा रियाज़फ़हमीदा रियाज़28 Sept 1946 – 21 Sept 2018

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कूल्हों में भँवर जो हैं तो क्या है
सर में भी है जुस्तुजू का जौहर
था पारा-ए-दिल भी ज़ेर-ए-पिस्ताँ
लेकिन मिरा मोल है जो इन पर
घबरा के न यूँ गुरेज़-पा हो
पैमाइश मेरी ख़त्म हो जब
अपना भी कोई उज़्व नापो !
फ़हमीदा रियाज़
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फ़हमीदा रियाज़

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