Selected Quotes
Poetry & Stories
मैं बनारस कभी नहीं गया - बसंत त्रिपाठी
हिन्दी का ठेठ कविअपने जनेऊ या जनेऊनुमा सँस्कार पर
मैं एक ठहरे हुए पल में जी रहा हूँ - बसंत त्रिपाठी
मैं एक ठहरे हुए पल में जी रहा हूँकवि हूँ
दुख - बसंत त्रिपाठी
एक खाली मैदान मेंअकेले खेल रहे हों फुटबाल
सुख - बसंत त्रिपाठी
बरसों पुराना कोई परिचितकिसी अजनबी शहर में
डर - बसंत त्रिपाठी
परिन्दे को इश्क हो जाए पिंजरे सेफूलों से बन्द हो जाए महक का उठना
बसंत त्रिपाठी: Quick Answers
When was बसंत त्रिपाठी born?
बसंत त्रिपाठी was born on 25 September 1972. Associated place: भिलाई नगर, छत्तीसगढ़.
Where can I read बसंत त्रिपाठी's poetry?
Kavishala has 56 poems and stories by बसंत त्रिपाठी, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by बसंत त्रिपाठी
मैं बनारस कभी नहीं गया - बसंत त्रिपाठी
हिन्दी का ठेठ कविअपने जनेऊ या जनेऊनुमा सँस्कार पर
मैं एक ठहरे हुए पल में जी रहा हूँ - बसंत त्रिपाठी
मैं एक ठहरे हुए पल में जी रहा हूँकवि हूँ
दुख - बसंत त्रिपाठी
एक खाली मैदान मेंअकेले खेल रहे हों फुटबाल
सुख - बसंत त्रिपाठी
बरसों पुराना कोई परिचितकिसी अजनबी शहर में
डर - बसंत त्रिपाठी
परिन्दे को इश्क हो जाए पिंजरे सेफूलों से बन्द हो जाए महक का उठना
चुनाव और सरकार - बसंत त्रिपाठी
सड़कें सुधर रही हैं शहर कीकोलतार की परतें बिछ रहीं
वज़ह-बेवज़ह - बसंत त्रिपाठी
क्या हुआगर लोग घूम रहे सड़कों पर बेवज़ह
शहादत - बसंत त्रिपाठी
शहादतों के लम्बे इतिहास की तारीख़ेंअक्सर वहाँ गुम हो जाती हैं
दिनोंदिन - बसंत त्रिपाठी
दिनोंदिनबढ़ता जा रहा संकट
वैश्विक मंदी - बसंत त्रिपाठी
फुटकर सब्ज़ी विक्रेता की तरहतराजू हाथ में लिए
सड़के - बसंत त्रिपाठी
कुछ सड़कें सौगात में मिलती हैंकुछ सड़कें
अक्टूबर के आरंभ की बरसती साँझ - बसंत त्रिपाठी
यह अक्टूबर के आरंभ कीबरसती साँझ है
Selected Quotes by बसंत त्रिपाठी (चुनिंदा उद्धरण)
हिन्दी का ठेठ कविअपने जनेऊ या जनेऊनुमा सँस्कार परएक खाली मैदान मेंअकेले खेल रहे हों फुटबालफुटकर सब्ज़ी विक्रेता की तरहतराजू हाथ में लिएकुछ सड़कें सौगात में मिलती हैंकुछ सड़केंपरिन्दे को इश्क हो जाए पिंजरे सेफूलों से बन्द हो जाए महक का उठनाशहादतों के लम्बे इतिहास की तारीख़ेंअक्सर वहाँ गुम हो जाती हैंVideos on बसंत त्रिपाठी
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