चुनाव और सरकार - बसंत त्रिपाठी

बसंत त्रिपाठीबसंत त्रिपाठी25 Sept 1972

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सड़कें सुधर रही हैं शहर की
कोलतार की परतें बिछ रहीं
पानी दो बखत
बिजली भी बरोबर
और तो और
जन-प्रतिनिधि भी हर हमेशा पड़ते दिखाई

लगता है
चुनाव नज़दीक है
और सरकार
ख़तरे में है।
बसंत त्रिपाठी
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बसंत त्रिपाठी

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