बजरंग बिश्नोई, poet
Sootradhar · Author

बजरंग बिश्नोई

बजरंग बिश्नोई

जालौन, उत्तर प्रदेश

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About बजरंग बिश्नोई

विलक्षण, किंतु अलक्षित कवि। ‘हरारत में तीसरी नदी’ प्रमुख कविता-संग्रह जन्म : 01/07/1944 | जालौन, उत्तर प्रदेश शिक्षा : एम. ए., कार्यक्षेत्र : उच्च शिक्षा योजना एवं प्रबंधन एवं हस्तनिर्मित काग़ज़ में शोध एवं विकास। रुचि-क्षेत्र : पेंटिंग एवं लेखन (कविता, कहानी, आलोचना एवं निबंध)। सभी महत्त्वपूर्ण साहित्यिक पत्रिकाओं, ज…

Selected Quotes

लो अब टूटता हूँटुकुर-टुकुर क्या देखते हो
— बजरंग बिश्नोई
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मेरी नाव तैयार हैबादवान कहीं-कहीं थोड़ा फटा है
— बजरंग बिश्नोई
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