क्या वह बता सकता था
कि अब तुम मेरी नहीं रहीं
लेकिन उसने ही बताया
जब तुम मिलीं बहुत बरस बाद
और वह तुम्हारे साथ नहीं था
कि अब तुम मेरी नहीं रहीं
लेकिन उसने ही बताया
जब तुम मिलीं बहुत बरस बाद
और वह तुम्हारे साथ नहीं था

यूँ तुम देखने में बुरे नहींउम्र भी तुम्हारी कुछ खास नहीं
वह तुम्हारा कोई स्वप्न थीया अभिलाषा
तुम्हारी आँखों में बसावह रात की तरह था
वह सही वक़्त बताती हुई घड़ी हैचन्द्रमा को उसमें कसा जा सकता है
बहुत बड़े थे वे और भारी भीतुम्हारे कानों की सबसे नर्म जगह पर