अरणिमाल, poet
Sootradhar · Author

अरणिमाल

अरणिमाल

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About अरणिमाल

18वीं सदी की कश्मीरी कवयित्री। प्रेमपरक काव्यधारा में योगदान के लिए उल्लेखनीय।

Selected Quotes

ओ सोनजुही, ओ सोनजुहीतू जंगल-झाड़ी बीच खिली
— अरणिमाल
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फूलों में खिलती थी—चंदन के तेल से मैं
— अरणिमाल
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