Selected Quotes
Poetry & Stories
कविता नहीं है यह - अनिल जनविजय
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
माँ, बापू कब आएंगे - अनिल जनविजय
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
राम जी भला करें - अनिल जनविजय
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
कबीर
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
नया वर्ष - अनिल जनविजय
नया वर्षसंगीत की बहती नदी हो
अनिल जनविजय: Quick Answers
When was अनिल जनविजय born?
अनिल जनविजय was born on 28 September 1957. Associated place: बरेली, उत्तर प्रदेश, भारत.
Where can I read अनिल जनविजय's poetry?
Kavishala has 70 poems and stories by अनिल जनविजय, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by अनिल जनविजय
कविता नहीं है यह - अनिल जनविजय
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
माँ, बापू कब आएंगे - अनिल जनविजय
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
राम जी भला करें - अनिल जनविजय
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
कबीर
इतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसन
नया वर्ष - अनिल जनविजय
नया वर्षसंगीत की बहती नदी हो
कवि की ऊष्मा - अनिल जनविजय
(एक संस्मरण)दिसम्बर की एक बेहद सर्द शाम
बेटियों का गीत - अनिल जनविजय
मैं मौन रहूँतुम गाओ
अनमने दिन - अनिल जनविजय
दिन बीतेरीते-रीते
अभ्रकी धूप - अनिल जनविजय
यह धूप बताशे के रंग कीयह दमक आतशी दर्पण की
प्रतीक्षा (दो) - अनिल जनविजय
अभी महीना गुज़रा है आधाशेष और हैं पंद्रह दिन
ज़िन्दगी उपहास बन गई - अनिल जनविजय
ज़िन्दगी उपहास बन गईचन्द वर्षों में ताश बन गई ।
बदलाव - अनिल जनविजय
जब तक मैं कहता रहाजीवन की कथा उदास
Selected Quotes by अनिल जनविजय (चुनिंदा उद्धरण)
यह धूप बताशे के रंग कीयह दमक आतशी दर्पण की(एक संस्मरण)दिसम्बर की एक बेहद सर्द शामइतिहास पटल पर दमक रहे हैंएक के बाद एक सैकड़ों प्रहसननया वर्षसंगीत की बहती नदी होदिन बीतेरीते-रीतेअभी महीना गुज़रा है आधाशेष और हैं पंद्रह दिनVideos on अनिल जनविजय
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