कई बार हम एक-दूसरे के इतने क़रीब आ जाते हैं
जहाँ से थोड़ी-सी भी गुंजाइश नहीं बचती वापस लौट पाने की
हमें एक-दूसरे के मध्य
इतनी जगह तो अवश्य ही बचा लेनी चाहिए
जितने में बचा सके अपने लिए स्वतंत्रता
रिक्तता ख़ुद को सहेज पाने का ज़रिया है
संभावनाएँ रिक्तता का पर्याय हैं।








