About उमा शंकर चौधरी
इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-कथाकार। भारतीय ज्ञानपीठ के नवलेखन और साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित। जन्म : 01/03/1978 | खगड़िया, बिहार उमा शंकर चौधरी का जन्म 1 मार्च 1978 को खगड़िया, बिहार में हुआ। वह इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-कथाकार हैं। उनके तीन कविता-संग्रह ‘कहते हैं तब शहंशाह सो रहे थे’, ‘वे तुमसे…
Selected Quotes
Poetry & Stories
रात का घुप्प अँधेरा और वह लड़की
मदद के लिए गुहार लगातीउस तेरह-चौदह साल की जवान हो रही लड़की को
शब्द मुसलमान
साक्षात्कार देने आए प्रत्याशियों की पंक्ति मेंउस मुसलमान लड़के से पूछ रहा है बग़ल का प्रत्याशी
किसान की आत्महत्या भी मृत्यु है
यह कितना अच्छा है किइस देश के किसान अख़बार नहीं पढ़ा करते
शहंशाह की नींद*
जब पूरी दुनियापाप और पुण्य के बीच
प्रधानमंत्री पर अविश्वास
आजकल मैं जितनी भी बातों को देखता और सुनता हूँउनमें सबसे अधिक मैं
About उमा शंकर चौधरी
इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-कथाकार। भारतीय ज्ञानपीठ के नवलेखन और साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित।
जन्म : 01/03/1978 | खगड़िया, बिहार
उमा शंकर चौधरी का जन्म 1 मार्च 1978 को खगड़िया, बिहार में हुआ। वह इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-कथाकार हैं। इस सदी में सामने आए हिंदी कवि-कथाकार। भारतीय ज्ञानपीठ के नवलेखन और साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित। Kavishala has 21 poems and stories by उमा शंकर चौधरी, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
उनके तीन कविता-संग्रह ‘कहते हैं तब शहंशाह सो रहे थे’, ‘वे तुमसे पूछेंगे डर का रंग’ और ‘चूँकि सवाल कभी ख़त्म नहीं होते’ शीर्षक से प्रकाशित हैं। उनकी कहानियों का संकलन ‘अयोध्या बाबू सनक गए हैं’, ‘कट टु दिल्ली और अन्य कहानियाँ’ और ‘दिल्ली में नींद’ में हुआ है। उनका एक उपन्यास ‘अँधेरा कोना’ भी प्रकाशित है। ‘हाशिए की वैचारिकी’ और ‘हिस्सेदारी के प्रश्न-प्रतिप्रश्न’ उनके द्वारा संपादित आलोचनात्मक-कृतियाँ हैं।
वह साहित्य अकादेमी युवा सम्मान, भारतीय ज्ञानपीठ नवलेखन सम्मान, रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार, अंकुर मिश्र स्मृति कविता पुरस्कार आदि से सम्मानित किए गए हैं। उनका कविता-संग्रह ‘कहते हैं तब शहंशाह सो रहे थे’ मराठी अनुवाद में प्रकाशित हुआ है। कुछ कविताएँ भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के स्नातक-स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का हिस्सा हैं। कहानियों और कविताओं पर शोध हुए हैं। उमा शंकर चौधरी: Quick Answers
Who is उमा शंकर चौधरी?
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Poems & Stories by उमा शंकर चौधरी
रात का घुप्प अँधेरा और वह लड़की
मदद के लिए गुहार लगातीउस तेरह-चौदह साल की जवान हो रही लड़की को
शब्द मुसलमान
साक्षात्कार देने आए प्रत्याशियों की पंक्ति मेंउस मुसलमान लड़के से पूछ रहा है बग़ल का प्रत्याशी
किसान की आत्महत्या भी मृत्यु है
यह कितना अच्छा है किइस देश के किसान अख़बार नहीं पढ़ा करते
शहंशाह की नींद*
जब पूरी दुनियापाप और पुण्य के बीच
प्रधानमंत्री पर अविश्वास
आजकल मैं जितनी भी बातों को देखता और सुनता हूँउनमें सबसे अधिक मैं
पिता की तस्वीर की जगह
जब पिता की मृत्यु हुई थीऔर जब उनकी अधेड़ उम्र की लाश
बुज़ुर्ग पिता के झुके कंधे हमें दुख देते हैं
मेरे सामने पिता की जो तस्वीर हैउसमें पिता एक कुर्ते में हैं
शिमला के माल रोड पर वह
शिमला के माल रोड परअपनी पीठ पर रसोई गैस के दो सिलेंडर ढोता वह आदमी
बेटी और रंग
एकतीन साल की बेटी
बड़ी हो रही बेटियों के पिता
हम अपनी बच्ची के जन्म परचाहें जितना ख़ुश हो लें
अब निर्णय आपको करना है
यह कैसी विडंबना हैकि मैं अपनी भाषा में बोलता हूँ और लोग मुझ पर हँसते हैं
कुछ भी वैसा नहीं
अब जब तक तुम लौटकर आओगेकुछ भी वैसा नहीं रहेगा
Selected Quotes by उमा शंकर चौधरी (चुनिंदा उद्धरण)
अब जब तक तुम लौटकर आओगेकुछ भी वैसा नहीं रहेगामदद के लिए गुहार लगातीउस तेरह-चौदह साल की जवान हो रही लड़की कोआजकल मैं जितनी भी बातों को देखता और सुनता हूँउनमें सबसे अधिक मैंमेरे सामने पिता की जो तस्वीर हैउसमें पिता एक कुर्ते में हैंसाक्षात्कार देने आए प्रत्याशियों की पंक्ति मेंउस मुसलमान लड़के से पूछ रहा है बग़ल का प्रत्याशीयह कितना अच्छा है किइस देश के किसान अख़बार नहीं पढ़ा करतेVideos on उमा शंकर चौधरी
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