तुषार धवल, poet
Sootradhar · Author

तुषार धवल

तुषार धवल

22 September 1973मुंगेर

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Selected Quotes

(बड़े भतीजे कुँवर यशराज सिंह के लिये )जी हाँ भला चंगा हूँ. दिन की मजूरी करता हूँ और रात की बागबानी ।
— तुषार धवल
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नींद मेंसबके सो जाने पर
— तुषार धवल
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उसने मिट्टी को छुआ भर था - प्रताप सोमवंशीपसोपेश में हूँकि कविता चिह्नों में होती है— प्रताप सोमवंशीदर्द औरों का हम - प्रताप सोमवंशीपसोपेश में हूँकि कविता चिह्नों में होती है— प्रताप सोमवंशीकुछ नहीं चाहने वाली लड़कीसोलह की यह लड़की दो-तीन साल पहले तकपेड़-पौधों पर रखती थी पाँव— ऐश्वर्य राजजन्मभूमि आजएक बार धरती की तरफ़ देखोलोगों की तरफ़ देखों एक बार।— बीरेंद्र चट्टोपाध्यायमेरे देश मेंमेरे देश मेंजहाँ बारिश की थकी हुई बूँदें अपनी कुबड़ी पीठ पर— हुकुम ठाकुरवृक्ष लोकसामान्य लोक से पहुँचना चाहता हूँ कहीं। जाता हूँ नदी के निर्जनतट पर। मैं लहरों की ओर देखता रह गया और संध्याकाश में उग— बिप्लव चौधुरी