आकांक्षा

TrilochanTrilochan20 Aug 1917 – 9 Dec 2007

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सुरीली सारंगी अतुल रस-धारा उगल के
कहीं खोई जो थी, बढ़ कर उठाया लहर में,
बजाते ही पाया, बज कर यही तार सब को
बहा ले जाएँगे, भनक पड़ जाए तनिक तो ।

 

Trilochan
About the poet

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कवि त्रिलोचन (20-08-1917 - 09-12-2007) हिंदी भाषा के श्रेष्ठ कवि थे . उन्हें हिन्दी साहित्य की प्रगतिशील काव्यधारा का प्रमुख हस्ताक्षर माना जाता है। वे आधुनिक हिंदी कविता की प्रगतिशील त्रयी के तीन स्तंभों में से एक थे। त्रिलोचन शास्त्री हिंदी के अतिरिक्त अरबी…

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