इतिहास में ऐसी भी अनहोनी हुई थी
वही निर्वस्त्र रहा
जिसने सबसे पहले सूई पिरोई थी।
इतिहास में ऐसी भी अनहोनी हुई थी
वही निर्वस्त्र रहा
जिसने सबसे पहले सूई पिरोई थी।

कुछ लोग कहते हैं इस देश में लोग रहते हैंमुझे लगता है, इस देश में सिर्फ़ एक संख्या भर रहती है
क्या यह सिर्फ़ मेरा सपना था?क्या मेरे भीतर एक दिव्य तत्त्व की अनुगूँज थी?
बात ऐसी है कि एक दिनइस धरती पर एक लहर चली
लौटते पत्र के साथकुछ बादल भेजना
एक दिन एक लड़की मेरे दफ़्तर आईऔर बोली : मेरी ख़बर छाप दो