वह जो पुरुष के एक वनगमन पर
महाकाव्य रच देता है
स्त्री के दुगुने वनवास पर
एक सोरठा तक नहीं रचता
सीता की आँखों में पढ़कर तो देखो।
वह जो पुरुष के एक वनगमन पर
महाकाव्य रच देता है
स्त्री के दुगुने वनवास पर
एक सोरठा तक नहीं रचता
सीता की आँखों में पढ़कर तो देखो।

कुछ लोग कहते हैं इस देश में लोग रहते हैंमुझे लगता है, इस देश में सिर्फ़ एक संख्या भर रहती है
क्या यह सिर्फ़ मेरा सपना था?क्या मेरे भीतर एक दिव्य तत्त्व की अनुगूँज थी?
बात ऐसी है कि एक दिनइस धरती पर एक लहर चली
लौटते पत्र के साथकुछ बादल भेजना
एक दिन एक लड़की मेरे दफ़्तर आईऔर बोली : मेरी ख़बर छाप दो