मैं युद्ध के ऐन बीच पैदा हुई
मुझे मनुष्य से अधिक
हथियार से प्रेम करना सिखाया गया
जीवन में सुख से अधिक
दुख से और
जीवन की अनिश्चितता से अधिक
मृत्यु से
हमें प्रेम करना सिखाया गया प्रेम से
जो औरों से एकदम अलग था
मेरा प्रेम आपका सरीखा नहीं।
मैं युद्ध के ऐन बीच पैदा हुई
मुझे मनुष्य से अधिक
हथियार से प्रेम करना सिखाया गया
जीवन में सुख से अधिक
दुख से और
जीवन की अनिश्चितता से अधिक
मृत्यु से
हमें प्रेम करना सिखाया गया प्रेम से
जो औरों से एकदम अलग था
मेरा प्रेम आपका सरीखा नहीं।

वे लौट नहीं रहेहाँ वे लौटते थे
मेरे जीवन के तजुर्बों में कोई दाग़ नहीं हैयह और बात है कि वतन से भागते हुए
जो उनकी दलाली में देश को भूल बैठे हैंमैं उनमें से नहीं हूँ
मैं जिनके साथ पचास सालों से हूँयह क्या हुआ एकाएक कि
वे अपार दुखों और संकटों के बीचएक ऐसे सफ़र पर हैं जो ख़त्म नहीं होता