औरों से एकदम अलग

लीलाधर मंडलोईलीलाधर मंडलोई

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मैं युद्ध के ऐन बीच पैदा हुई

मुझे मनुष्य से अधिक

हथियार से प्रेम करना सिखाया गया

जीवन में सुख से अधिक

दुख से और

जीवन की अनिश्चितता से अधिक

मृत्यु से

हमें प्रेम करना सिखाया गया प्रेम से

जो औरों से एकदम अलग था

मेरा प्रेम आपका सरीखा नहीं।

लीलाधर मंडलोई
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लीलाधर मंडलोई

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