अब के सावन में शरारत ये

Gopaldas NeerajGopaldas Neeraj4 Jan 1925

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अब के सावन में शरारत ये मेरे साथ हुई
मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई |

आप मत पूछिये क्या हम पे 'सफ़र में गुज़री ?
आज तक हमसे हमारी न मुलाकात हुई |

हर गलत मोड़ पे टोका है किसी ने मुझको
एक आवाज़ तेरी जब से मेरे साथ हुई |

मैंने सोचा कि मेरे देश की हालत क्या है
एक क़ातिल से तभी मेरी मुलाक़ात हुई |

Gopaldas Neeraj
About the poet

Gopaldas Neeraj

Gopaldas Neeraj (popularly known as Niraj or Neeraj; 4 January 1925 – 19 July 2018)[2] was an Indian poet and author of Hindi literature. He was also a poet of Hindi Kavi sammelan. He was born in the village of Puravali, near Mahewa in Etawah district in Utta…

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