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इन पहाड़ों पर....-1 - घनश्याम कुमार देवांश
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...सामने पहाड़ दिनभर
इन पहाड़ों पर....-2 - घनश्याम कुमार देवांश
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...आगे - पीछे
इन पहाड़ों पर....-3 - घनश्याम कुमार देवांश
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...वो आसमान जिसने
याद - घनश्याम कुमार देवांश
कभी कभी बहुत याद आती हैइतनी ज़्यादा याद आती है
बचाया जाना चाहिए तुम्हें - घनश्याम कुमार देवांश
जबकि पूरी दुनिया की जवान लड़कियोंकी आँखों में
घनश्याम कुमार देवांश: Quick Answers
When was घनश्याम कुमार देवांश born?
घनश्याम कुमार देवांश was born on 2 September 1986. Associated place: गोंडा, उत्तर प्रदेश, भारत.
Where can I read घनश्याम कुमार देवांश's poetry?
Kavishala has 44 poems and stories by घनश्याम कुमार देवांश, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by घनश्याम कुमार देवांश
इन पहाड़ों पर....-1 - घनश्याम कुमार देवांश
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...सामने पहाड़ दिनभर
इन पहाड़ों पर....-2 - घनश्याम कुमार देवांश
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...आगे - पीछे
इन पहाड़ों पर....-3 - घनश्याम कुमार देवांश
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...वो आसमान जिसने
याद - घनश्याम कुमार देवांश
कभी कभी बहुत याद आती हैइतनी ज़्यादा याद आती है
बचाया जाना चाहिए तुम्हें - घनश्याम कुमार देवांश
जबकि पूरी दुनिया की जवान लड़कियोंकी आँखों में
मोक्ष - घनश्याम कुमार देवांश
कुछ चीज़ें चाहीं ज़िन्दगी में हमेशापूरी की पूरी
मुखौटे - घनश्याम कुमार देवांश
उस समय मेंजब दुनिया में चारों तरफ़
लड़नेवाले लोग - घनश्याम कुमार देवांश
हर दौर मेंकुछ ऐसे लोग होते रहे
अप्रैल-फूल - घनश्याम कुमार देवांश
सिर्फ़ तुम्हारी बदौलतभर गया था अप्रैल
तुम हो... - घनश्याम कुमार देवांश
तुम एक सुन्दरबियावान जंगल हो
एक पैसे में... - घनश्याम कुमार देवांश
सुबह बहुत उदास थीऔर मेरे भाड़े के कमरे में
सवाल यह नहीं था... - घनश्याम कुमार देवांश
सवाल प्यार करने या न करने का नहीं था दोस्तसवाल किसी हाँ या न का भी नहीं था
Selected Quotes by घनश्याम कुमार देवांश (चुनिंदा उद्धरण)
तवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...सामने पहाड़ दिनभरतवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...आगे - पीछेतवांग के ख़ूबसूरत पहाड़ों से उपजते हुए...वो आसमान जिसनेकभी कभी बहुत याद आती हैइतनी ज़्यादा याद आती हैजबकि पूरी दुनिया की जवान लड़कियोंकी आँखों मेंकुछ चीज़ें चाहीं ज़िन्दगी में हमेशापूरी की पूरीVideos on घनश्याम कुमार देवांश
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