गँग, poet
Sootradhar · Author

गँग

गँग

nan

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Selected Quotes

फूट गये हीरा की बिकानी कनी हाट हाट,काहू घाट मोल काहू बाढ़ मोल को लयो।
— गँग
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उझकि झरोखे झाँकि परम नरम प्यारी ,नेसुक देखाय मुख दूनो दुख दै गई ।
— गँग
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Poetry & Stories

  1. फूट गये हीरा की बिकानी कनी हाट हाट - गँग

    फूट गये हीरा की बिकानी कनी हाट हाट,काहू घाट मोल काहू बाढ़ मोल को लयो।

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  2. उझकि झरोखे झाँकि परम नरम प्यारी - गँग

    उझकि झरोखे झाँकि परम नरम प्यारी ,नेसुक देखाय मुख दूनो दुख दै गई ।

    2 min read · 12.3K reads
  3. मृगनैनी की पीठ पै बेनी लसै - गँग

    मृगनैनी की पीठ पै बेनी लसै, सुख साज सनेह समोइ रही।सुचि चीकनी चारु चुभी चित में, भरि भौन भरी खुसबोई रही॥

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  4. करि कै जु सिंगार अटारी चढी - गँग

    करि कै जु सिंगार अटारी चढी, मनि लालन सों हियरा लहक्यो।सब अंग सुबास सुगंध लगाइ कै, बास चँ दिसि को महक्यो॥

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  5. लहसुन गाँठ कपूर के नीर में - गँग

    लहसुन गाँठ कपूर के नीर में, बार पचासक धोइ मँगाई।केसर के पुट दै दै कै फेरि, सुचंदन बृच्छ की छाँह सुखाई॥

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