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द्विज: Quick Answers
When was द्विज born?
द्विज was born on 30 September 1820. Associated place: nan.
Where can I read द्विज's poetry?
Kavishala has 20 poems and stories by द्विज, free to read on this page, along with selected quotes you can share.
Poems & Stories by द्विज
शृंगार-लतिका - द्विज
पूसी बिल्ली, पूसी बिल्लीकहाँ गई थी?
शृंगार बत्तीसी - द्विज
पूसी बिल्ली, पूसी बिल्लीकहाँ गई थी?
शृंगार चालीसी - द्विज
पूसी बिल्ली, पूसी बिल्लीकहाँ गई थी?
शृंगारलतिकासौरभ - द्विज
पूसी बिल्ली, पूसी बिल्लीकहाँ गई थी?
अविमुक्तपंचदशी - द्विज
पूसी बिल्ली, पूसी बिल्लीकहाँ गई थी?
डारे कं मथनि, बिसारे कं घी कौ घडा - द्विज
डारे कं मथनि, बिसारे कं घी कौ घडा,बिकल बगारे कं, माखन मठा मही।
बोलि हारे कोकिल, बुलाई हारे केकीगन - द्विज
बोलि हारे कोकिल, बुलाई हारे केकीगन,सिखैं हारीं सखी सब जुगति नई नई॥
सुर ही के भार, सूधे सबद सुकरीन के - द्विज
सुर ही के भार, सूधे सबद सुकरीन के,मंदिर त्यागि करैं, अनत कं न गौन।
आज सुभाइन ही गई बाग - द्विज
आज सुभाइन ही गई बाग, बिलोकि प्रसून की पांति रही पगि।ताही समै तहं आए गुपाल, तिन्हें लखि औरो गयो हियरो ठगि॥
आवती चली है यह, विषम बयारि देखि - द्विज
आवती चली है यह, विषम बयारि देखि,दबे-दबे पांइन, किवारिन लरजि दै।
भ्रमे भूले मलिंदनि देखि नितै - द्विज
भ्रमे भूले मलिंदनि देखि नितै, तन भूलि रहैं किन भामिनियां।द्विजदेव जू डोली-लतान चितै, हिये धीर धरैं किमि कामिनियां॥
बाग बिलोकनि आई इतै - द्विज
बाग बिलोकनि आई इतै, वह प्यारी कलिंदसुता के किनारे।सो द्विजदेव कहा कहिए, बिपरीत जो देखति मो दृग हारे॥
Selected Quotes by द्विज (चुनिंदा उद्धरण)
पूसी बिल्ली, पूसी बिल्लीकहाँ गई थी?डारे कं मथनि, बिसारे कं घी कौ घडा,बिकल बगारे कं, माखन मठा मही।आज सुभाइन ही गई बाग, बिलोकि प्रसून की पांति रही पगि।ताही समै तहं आए गुपाल, तिन्हें लखि औरो गयो हियरो ठगि॥आवती चली है यह, विषम बयारि देखि,दबे-दबे पांइन, किवारिन लरजि दै।भ्रमे भूले मलिंदनि देखि नितै, तन भूलि रहैं किन भामिनियां।द्विजदेव जू डोली-लतान चितै, हिये धीर धरैं किमि कामिनियां॥बाग बिलोकनि आई इतै, वह प्यारी कलिंदसुता के किनारे।सो द्विजदेव कहा कहिए, बिपरीत जो देखति मो दृग हारे॥Videos on द्विज
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